प्रामाणिक वैदिक ग्रंथों पर आधारित — स्थापत्य वेद

वास्तु शास्त्र

प्राचीन भारतीय वास्तुकला विज्ञान

मयमतम्, मानसार, बृहत् संहिता, विश्वकर्मा वास्तु शास्त्र और स्थापत्य वेद पर आधारित सम्पूर्ण मार्गदर्शिका। 100% प्रामाणिक पारंपरिक ज्ञान।

सम्पूर्ण वास्तु शास्त्र मार्गदर्शिका

मूल सिद्धांत

"दक्षिण-पश्चिम सबसे भारी और ऊँचा होना चाहिए; उत्तर-पूर्व सबसे नीचा और खुला होना चाहिए। यह एकमात्र नियम — जब पालन किया जाए — अधिकांश वास्तु दोषों को ठीक करता है।"

— मयमतम् का मूल वास्तु सिद्धांत

प्रामाणिक वैदिक ज्ञान

सम्पूर्ण सामग्री प्रामाणिक वैदिक ग्रंथों से ली गई है: मयमतम्, मानसार, बृहत् संहिता, विश्वकर्मा वास्तु शास्त्र, और डी.एन. शुक्ला की वास्तु शास्त्र खंड I (1961)।

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