📐

भूखंड आकार और उनके प्रभाव

आपके भूखंड का आकार आपकी पूरी संरचना की ऊर्जा पैटर्न निर्धारित करता है। बुद्धिमानी से चुनें।

आदर्श भूखंड आकार

सर्वाधिक शुभ

वर्गाकार (चतुस्र)

समग्र संतुलन, शांति, समृद्धि और स्थिरता।

किसी भी उद्देश्य के लिए — आवासीय, व्यावसायिक, धार्मिक।

अत्यंत शुभ

आयताकार (आयतस्र)

स्थिरता, प्रचुरता, सुगम ऊर्जा प्रवाह। अनुपात 1:1.5 या अधिकतम 1:2।

आवासीय और व्यावसायिक। सभी कोने ठीक 90 अंश होने चाहिए।

~स्वीकार्य भूखंड आकार

आवासीय के लिए शुभ

गौमुखी (गाय के मुख जैसा)

अच्छा स्वास्थ्य, धन, समृद्धि। उत्तर-पूर्व में चौड़ा भाग; दक्षिण/पश्चिम में सड़क।

व्यावसायिक/व्यापार के लिए शुभ

शेरमुखी (सिंह के मुख जैसा)

दुकानों, शोरूम के लिए अच्छा। आवासीय के लिए अनुपयुक्त (अस्थिरता उत्पन्न कर सकता है)।

अशुभ भूखंड आकार

त्रिकोणाकार

बुरी ऊर्जाएँ; अग्नि-संबंधी समस्याएँ, मुकदमेबाज़ी और हानि।

L-आकार

ऊर्जा प्रवाह में बाधा; एक चतुर्थांश में ऊर्जा की कमी।

T-आकार

अस्थिरता; ऊर्जा असंतुलन।

U-आकार

एक पक्ष हमेशा न्यून; आंशिक सफलता का कारण।

अनियमित बहुभुज (5+ भुजाएँ)

असमान ऊर्जा वितरण; दुर्भाग्य।

गाड़ी-आकार (शकटमुखी)

आर्थिक बर्बादी; पूर्णतः बचें।

भूखंड चयन मानदंड

1

मिट्टी दृढ़ होनी चाहिए, रेतीली या दलदली नहीं। काली मिट्टी अशुभ है; पीली, सफेद या लाल मिट्टी श्रेष्ठ है।

2

दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर ढलान (दक्षिण-पश्चिम ऊँचा)।

3

उत्तरमुखी या पूर्वमुखी सड़कें सर्वाधिक शुभ हैं।

4

दक्षिण और पश्चिम में ऊँची इमारतें सुरक्षा प्रदान करती हैं; उत्तर और पूर्व में ऊर्जा अवरुद्ध करती हैं।

5

T-जंक्शन (वीथि शूल) से बचें जहाँ सड़क सीधे भूखंड की ओर आती है।

6

कब्रिस्तान, अस्पताल (दक्षिण में), बिजली ट्रांसफार्मर, कूड़ेदान के पास के भूखंड से बचें।

7

उत्तर या पूर्व में जलाशय शुभ है।